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Showing posts with the label हिंदी व्याकरण

काव्य की परिभाषा भेद ओर प्रकार | kavya kise kahate hain

काव्य की परिभाषा भेद ओर प्रकार | kavya kise kahate hain Hello दोस्तों, आज की पोस्ट में काव्य गुण के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं | इस लेख में हमने आपको काव्य की परिभाषा , भेद प्रकारों को भी विस्तार से समझाया हैं | इस पोस्ट में आपको काव्य से संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी |  काव्य की परिभाषा  काव्य किसे कहते हैं? किसी काव्य, साहित्य या संग्रह को पढ़ते या सुनने समय मन में जो रस उत्पन्न होते हैं अर्थात् मन में जो आनंद प्रकृत होता हैं उस वाक्य को ही काव्य कहा जाता हैं | काव्य की परिभाषा आचार्य विश्वनाथ के शब्दों में, "वाक्यं रसात्मकं काव्यम्" अनुवाद रस से भरपूर वाक्य को ही काव्य कहा जाता हैं | भामह के शब्दों में, "शब्दार्थो सहिर्तो काव्यं" अनुवाद जिस रचना में शब्द और वाक्य रहते हैं वही काव्य हैं अर्थात् रस युक्त वाक्य ही काव्य है | पंडितराज जगन्नाथ के शब्दों में, "रमणीयार्थ प्रतिपादक: शब्दः काव्यं" अनुवाद रमणीय अर्थ के प्रतिपादक 'धर्म' को ही काव्य मानते हैं | परिभाषा — जिस काव्य में सभी भाव प्रकट होते हैं वही काव्य हैं अर्थात् जिस काव्य मे...

[NEW☑️] महादेवी वर्मा का जीवन परिचय | रचनाएं | कृतियां

[NEW☑️] महादेवी वर्मा का जीवन परिचय | रचनाएं | कृतियां हेलो दोस्तों आज का लेख में हम महादेवी वर्मा के संपूर्ण जीवन शैली देखने वाले है, महादेवी वर्मा के जीवन परिचय और रचनाएं कई बार board exam तथा अन्य competition exam में पूछे गए है। महादेवी वर्मा का जीवन परिचय  कवियित्री महादेवी वर्मा जी का जन्म 26 मार्च, 1907 को फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता का नाम गोविन्द प्रसाद वर्मा तथा माता का नाम श्रीमती हेमरानी वर्मा था। इनके  पति का नाम डॉ० स्वरूपनारायण वर्मा था। महादेवी वर्मा की मृत्यु   11 सितम्बर, 1987 को   प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में हो गई।  महादेवी वर्मा हिंदी भाषा की प्रमुख कवियित्री थी, इन्होंने छायावादी युग में अपनी रचनाएं लिखी। महादेवी वर्मा को आधुनिक युग की मीरा भी कहा जाता हैं।  कवियित्री महादेवी वर्मा जी के 8 कविता संग्रह हैं जिनमे- नीरजा [1934], सांध्यगीत [1936], नीहार [1930], प्रथम आयाम [1974], और अग्निरेखा [1990], रश्मि [1932], दीपशिखा [1942], सप्तपर्णा [अनूदित 1959]. महादेवी वर्मा की रचना (कृतियां) • सांध्यगीत • नीहार •...

शब्द गुण / काव्य गुण किसे कहते है? प्रकार

शब्द गुण / काव्य गुण किसे कहते है? प्रकार   Shavd gun kise kahate hain हेलो दोस्तो आज में आपको  काव्य गुण या गुण की परिभाषा  बताने वाला हूं। यह कई बार  कॉम्पिटिशन एग्जाम  में भी पूछा जाता है। और आपको यह पता नहीं होता इसलिए हम आपको  शब्द गुण की परिभाषा  और  इनके प्रकार या भेद को भी परिभाषित  करके बताने वाला हूं।। शब्द गुण / काव्य गुण किसे कहते है? प्रकार शब्द गुण किसे कहते है? काव्य में आंतरिक सौन्दर्य तथा रस के प्रभाव एवं उत्कर्ष के लिए स्थायी रूप से विद्यमान मानवोचित भाव और धर्म अथवा तत्व को  काव्य गुण ( शब्द गुण )  कहते हैं ।  यह काव्य में उसी प्रकार विद्यमान होता है , जैसे फूल में सुगन्धि। साधारण भाषा में – भाषा में शब्दों की स्पष्टता, मधुरता के कारण भाषा या काव्य में रुचि बने उसे ही शब्द गुण कहते हैं। मुख्य शब्द गुण काव्य गुण या शब्द गुण के प्रकार 1] माधुर्य गुण 2] ओज गुण 3] प्रसाद गुण इन गुणों की परिभाषा 1] माधुर्य गुण किसे कहते हैं? किसी काव्य को पढने या सुनने से ह्रदय में मधुरता का संचार होता है , वहाँ  माधुर्य गुण...

प्रत्यय किसे कहते हैं, प्रत्यय शब्द की परिभाषा और इसके 50+ उदाहरण | Pratyay kise kahate hain

प्रत्यय शब्द उदाहरण 50 हैलो दोस्तो आज में आपको इस लेख में प्रत्यय शब्द की परिभाषा या किसे कहते है । और इसके 50+ उदाहरण भी इस लेख में बताया है जो बहुत ही important है आपको इस लेख को अवश्य पड़ना चाहिए मैने आपको इस लेख में इं सभी चीजों  को बताने का प्रयास किया है।। Pratyay kise kahate hain. Wikipedia प्रत्यय किसे कहते हैं और इसके 50+ उदाहरण  प्रत्यय की परिभाषा ➲ ऐसे शब्द जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय शब्द दो शब्दों " प्रति + अय " से मिलकर बना है। इसमें प्रति का अर्थ है – साथ में, और अय का अर्थ है – चलने वाला। इसके लिए प्रत्यय का अर्थ होता है "साथ में पर बाद में चलने वाला शब्द"। प्रत्यय के बारे में सभी अन्य जानकारियां या नोट:–   pratya y kise kahate hain ➲  कभी प्रत्यय शब्द लगाने से अर्थ में कोई बदलाव nhi होता है।  ➲ इसके  शब्दों का अपना अर्थ नहीं होता, और न ही इनका कोई स्वतंत्र Existence होता है। ➲ कभी कभी प्रत्यय लगाने से अर्थ में कोई बदलाव नहीं होता है। ➲ प्रत्यय का अपना अर्थ नह...

तत्सम | तद्भव शब्द किसे कहते है और इसके 50+ उदाहरण

  तत्सम | तद्भव शब्द किसे कहते है और इसके 50+ उदाहरण (Similarly Who says the word and its 50+ examples) हेलो दोस्तो आज में आपको तत्सम और तद्भव शब्द बताएगा. जो कि आपको पता नहीं होगा. इसके लिए मैने आपके लिए तत्सम और तद्भव की परिभाषा भी बताया है. मैने इसके 50+ उदाहरण भी बताया है. तत्सम | तद्भव शब्द किसे कहते है  तत्सम शब्द किसे कहते है? तत्सम शब्द — हिन्दी भाषा का विकास संस्कृत भाषा से हुआ है. अतः संस्कृत भाषा से ही सीधे शब्द हिन्दी में आये हैं, इन्हीं शब्दों को tatsam shabd कहेंगे. उदाहरण– नासिका, मुख, सूर्य, चन्द्रमा, रात्रि आदि।  तद्भव शब्द किसे कहते है? तद्भव शब्द — वे शब्द जो तत्सम न रहकर उसी शब्द से बिगड़ - कर बने हैं, उन्ही शब्दों को tadbhav shabd कहेंगे. उदाहरण– चाँद, सूरज, रात, नाक, मुँह आदि. तत्सम         तद्भव कूप      –      कुआँ घृत      –           घी कृषक   –      किसान अश्रु      –     आँसू हस्ती...

काल किसे कहते है | प्रकार (भेद) | परिभाषा

काल किसे कहते है | प्रकार [भेद] | {Who says the time. Type [distinction] हेलो दोस्तो आज में आपको काल की परिभाषा ओर प्रकार बताउगा। ओर मेने आपके लिये इन प्रकारों की परिभाषा भी बताया है। और मैने इन सभी के उदाहरण भी बताया है। काल किसे कहते है | प्रकार [भेद]  काल किसे कहते है? क्रिया के जिस रूप से कार्य या काम के होने के समय का पता चले वही काल कहलाता हैं ओर इसका अर्थ होता है- समय। काल के उदाहरण ― 1) रमेश कल दिल्ली जाएगा। 2) प्रदीप पढ़ रहा है। 3) मैंडम पढ़ा रही थीं। 4) बच्चे खेल रहे हैं। काल के भेद या प्रकार 1] वर्तमान काल 2] भूतकाल 3] भविष्य काल {1} वर्तमान काल [Present tense]– वर्तमान में हो रही क्रिया या काम को वर्तमान काल में रखा जाता है। इसका अर्थ होता है कि दर्शाई गई क्रिया उसी वक़्त हो रहा है।  यह भी पढ़े समास के बारे में जानकारी संज्ञा किसे कहते हैं। प्रकार फूलो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में पक्षियों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में गिनती हिंदी व अंग्रेजी में वर्तमान काल के निम्न उदाहरण– 1) दीक्षा उसे मार रही है।  2) वह परीक्षा देने जा रहा...

संज्ञा किसे कहते है? भेद/प्रकार

हेलो दोस्तों आज मैं आपको संज्ञा की परिभाषा बताऊंगा और मैंने इसके p rakar ya bhed भी बताएं हैं। और मैंने यह बहुत simple तरीके से आपको बताया है यह आपको जल्दी ही समझ में आने वाला है इसलिए हमारे इस लेख को पूरा पढ़ें। संज्ञा किसे कहते है Wikipedia संज्ञा किसे कहते है? किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि के नाम को ही संज्ञा कहते है।  जैसे― रमेश, टेबल, कुर्सी, और राहुल आदि   संज्ञा के भेद {प्रकार} पाँच है–  1) व्यक्तिवाचक संज्ञा 2) भाववाचक संज्ञा 3) जातिवाचक संज्ञा 4) द्रव्यवाचक संज्ञा 5) समूहवाचक संज्ञा  संज्ञा के भेद या प्रकारों की परिभाषा  1) व्यक्तिवाचक संज्ञा [Proper Noun]— किसी भी विशेष व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि के नाम का बोध कराने वाली संज्ञा ही व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाती हैं। उदाहरण― रमेश बाहर खेल रहा है। विकास फुटबॉल खेलता है। राम मेरा दोस्त है। यह भी पढ़े समास के बारे में जानकारी फूलो के नाम हिंदी और अंग्रेजी में पक्षियों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में गिनती हिंदी व अंग्रेजी में 2) भाववाचक संज्ञा [Proper Noun]— जो शब्द किसी पदार्थ या चीज़...

समास किसे कहते है। इसके भेद या प्रकार [Who says Samas? Its distinction or type]

समास किसे कहते है। इसके भेद या प्रकार। (Who says Samas? Its distinction or type) हेलो दोस्तों आज मैं आपको समास  की परिभाषा बताऊंगा जोकि परीक्षाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि आप इन्हें पढ़ेगे तो आपको अच्छे अंक आने की संभावना रहती है। तो अब समास शुरू करते है– विकिपीडिया समास किसे कहते है। इसके भेद या प्रकार समास किसे कहते है? या परिभाषा   समास का शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया शब्द बनता है उस शब्द को समास कहते हैं।          समास को दूसरे शब्दों में कहा जाए तो,                                 जहाँ पर कम-से-कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ को प्रकट किया जाए वह समास कहलाता है।         समास की रचना में दो पद होते हैं, पहले पद को पूर्वपद कहा जाता है और दूसरे पद को " उत्तरपद " कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो समस्त पद कहलाता है। समास के निम्न उदाहरण है– ...